अग्नि की उड़ान -1
अग्नि की उड़ान महान व्यक्तित्व के धनी डॉ कलाम साहब की जीवनी है.कलाम साहब को कौन नहीं जानता लेकिन हम यहाँ उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को जानेगे.इस किताब को "अरुण कुमार तिवारी जी ने लिखा है.
कलाम साहब का जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम कस्बे में हुआ.बेहद ही साधारण परिवार में जन्मे कलाम साहब के पिता "जैनुलाबदीन"बहुत ही बुद्धि मान और सिद्धांत प्रिय इन्सान थे.माता "आशियम्मा" कुशल गृहणी, उदार, और दयालु प्रवृत्ति की थी ं.रामेश्वरम में धार्मिक भेदभाव का कोई स्थान नहीं था.
कलाम साहब बचपन में पक्षीयों को उडता देखकर खुश हुआ करते.आसमान में उडना उनका सपना बन गया.बहुत सारे संघर्षों का सामना करते हुए वे रामेश्वरम से पढाई के लिए बाहर जाने वाले पहले व्यक्ति बने.स्कूली जीवन में फीस जमा करने के लिए उन्हें काम भी करना पड़ा.यहाँ तक की पैसों की तंगी के कारण उन्होंने शाकाहारी बनने का निश्चय किया.
एक बार तो उनके शिक्षक ने उन्हें सिर्फ इस बात के लिए बेंतो से उनकी जमकर पिटाई की कि वे उनकी कक्षा के सामने से होकर गुजर रहें थे.... इस बेवजह की पिटाई के प्रति भी उनमें जरा भी रोष नहीं था.उसी शिक्षक ने आगे चलकर यह घोषणा कि"यह लडका एक महान व्यक्ति बनेगा.".........
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