रिवोल्यूशन 2020 by चेतन भगत (22 अप्रैल 1974)
चेतन भगत अंग्रेजी के जाने माने उपन्यासकार है ये तो आप सभी
जानते हैं.उनकी रचना की खासियत प्यार, धोखा, सेक्स, व्यक्तिगत समस्याएं होती
.आज के जमाने के युवा जिन्दगी को कैसे जीना चाहतें हैं जैसी समस्या मुख्य होती है
है, तो आईए चलते हैं एक और प्रेम, धोखा, महत्वाकांक्षा की जबरदस्त कहानी को पढ़ने
😊.
कहानी शूरू होती है कहानी के मुख्य
नायक गोपाल और उपन्यासकार चेतन भगत के बातचीत से.चेतन भगत जी किसी काम से बनारस
आएं है जहाँ उनकी मुलाकात गोपाल नामक नवजवान से होती है.जो काफी लग्जरी लाइफ
जीता है लेकिन बहुत दुखी है, खुद को हमेशा शराब के नशे में डुबाए रखता है.जब
चेतन उससे बात करते हैं तो वह अपने आपको सजा देने की बात बताता है.कहानी फ्लैश
बैक में चली जाती है है.
गोपाल और राघव दो दोस्त बनारस के एक अच्छे स्कूल में
पढते हैं.गोपाल के पिता की आर्थिक स्थिति, शारीरिक ,स्थिति ठीक नहीं है.वे
अक्सर बीमार रहते हैं.उसकी माँ की मृत्यु उसके बचपन में ही हो जाती है.लेकिन
राघव एक संपन्न परिवार से है.फिर भी ये अच्छे दोस्त हैं.
एक दिन राघव मस्ती में किसी का
टिफिन खा जाता है, राघव के मना करने के बावजूद.बाद में उसे सजा भी मिलती है
लेकिन जिस लड़की की यह टिफिन रहती है उससे गोपाल की दोस्ती हो जाती है.उस लड़की
का नाम आरती रहता है और वह एक धनी परिवार से है.धीरे धीरे गोपाल को आरती से
प्यार हो जाता है लेकिन ये बात वह आरती को अभी बता नहीं पाता है और उसे पढाई के
लिए कोटा जाना पड़ता है.
कोटा में उसे बहुत सारी मुश्किलों
का सामना करना पड़ता है.पैसा की वह से वह अच्छी कोचिंग भी नहीं कर पाता है.बहुत
सारी परेशानी में उसे बस आरती का प्यार जो उसे मन ही मन करता है संभाले रहती
है.आरती इन सब बातों से अनजान गोपाल को सिर्फ अपना सबसे अच्छा दोस्त मानती
है.ऐसे ही मुश्किल भरे दिनों में गोपाल को पता चलता है कि आरती और राघव एक
दूसरे को प्यार करते हैं वह बौखला जाता है.और अंदर तक टुट जाता है.वह आरती से
बेइंतहा प्यार करता है और यह बात उसे बर्दाश्त नहीं होती है,
जब वह बनारस लौटता है तो वह अमीर आदमी बन
चुका रहता है.लेकिन उसके पिता के भी मौत हो चुकी होती है, वही राघव जर्नलिस्ट
रहता है जो स्ट्रगल करता रहता है.आरती जाॅब करती है.आरती और राघव को करीब देखकर
गोपाल गुस्से से भर जाता है.आरती अभी भी उसे अपना बेस्ट फ्रेंड मानती है और
उसका ख्याल रखती है.गोपाल आरती को किसी भी कीमत पर पाना चाहता है.राघव काम के
सिलसिले में बिजी रहता है और आरती को समय नहीं दे पाता है.आरती बहुत अकेला
महसूस करती है तब गोपाल उसके साथ होता है.
एक दिन आरती और गोपाल बातें करते करते काफी शराब पी जाता
हैं और और दोनों सेक्स करते हैं.लेकिन अगले दिन जब आरती गोपाल से मिलती है तो
सब कुछ भुल जाने को कहती है.गोपाल करता है कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता
हूँ.
प्लीज मुझे अकेला मत छोडो नहीं तो मैं बिखर जाउंगा.आरती कहती है मैं राघव की
गर्लफ्रेंड हूँ.मुझसे ऐसी उम्मीद मत रखो.
इन सब के बावजूद वे बार बार मिलतें हैं और सेक्स करते हैं.आरती अब राघव को
छोड़ देने का विचार कर लेती है और गोपाल से शादी का मन बन लेती है........ बाकी
कहानी अगली बार 😊
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