One night at call centre, by- Chetan Bhagat

चलिए जानते हैं आगे की कहानी 🥰🥰
सभी क्वालिस से' बार ' जातें हैं.थोडे रिलेक्स होने के बाद वे जब सेन्टर पर आने के लिए चलते हैं तो एक दुर्घटना हो जाती है. और गाड़ी एक बहुत बडे़ गढ्ढे में गिरने के कगार पर आ जाती है क्योंकि व्रुम ड्रिंक करके गाड़ी चला रहा था. सबको अपनी मौत सामने दिखाई देती है. सभी डर जातें हैं और इश्वर से प्रार्थना करते हैं कि अगर वे सुरक्षित बच गए तो इस नई जिंदगी में वे अपने सारे डर भुलाकर वे अपनी सारे ख्वाहिश पुरे करेंगे. और तभी उन्हें लगता है कि जैसे भगवान स्वयं काॅल किए और उन सभी को बचने के रास्ते बताएं......... सभी आश्चर्य में पड़ जातें हैं
     आखिर सबने भगवान के बताए अनुसार कर बच जाते हैं. इस नए जीवन ने उन्हें गजब की हिम्मत भी मिलती है.सभी अपने जीवन में एक सही लक्ष्य तय करते हैं.पहले तो श्याम और व्रुम ने मिलकर सभी काॅल सेन्टर वर्कर की नौकरी बचाते है.वही वे बख्शी के भी सारे गलत मनसूबों पर पानी फेर देतें हैं.उनमें गजब का उत्साह आ जाता है.अब वे अपना व्यपार करने का निश्चय करते हैं.
     वही ईशा माडलिंग का ख्याल निकाल देती है और सिर्फ अपने काम पर ध्यान देती है.राधिका अपने पति से तलाक लेने का फैसला कर लेती है और ईशा के साथ रहने लगती है.
    प्रियंका को  पता चलता है कि उसके होने वाले पति ने उससे कई झूठ बोले है तो वह शादी से इंकार कर देती है.वह आज भी श्याम से प्यार करती है.और श्याम के पास लौट आती है लेकिन श्याम इस रिश्ते से इंकार कर देता है.सभी की आंखें फैल जाती है.लेकिन बाद में श्याम को एहसास होता है कि वह प्रियंका के बिना नहीं रह सकता. और वह अगले दिन जब प्रियंका को ढूढता है तो वह उसे नहीं मिल पातीं है क्योंकि वह पहले ही निकल चुकी होती है. श्याम बदहवास उसकी गाड़ी का पीछा करता है आखिरकार ट्रैफिक जाम होने पर वह गाड़ी तक ढूढता- ढूंढता पहुँच ही जाता है.और तब दोनों जोर से गले लगतें और लिप किस करतें हैं ........ और सारे यात्री यह नजारा देखकर मुस्कुराते हैं.
   और यही कहानी खत्म हो जाती है 😍

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