One night at call centre, Chetan Bhagat (22april 1974)

चलिए जानते हैं आगे की कहानी ☺😊☁🌈
राधिका किसी तरह खुद को खुद को संभालति है.फिर सभी अपने अपने काॅल अटैंड करने लगते हैं. व्रुम को एक बतमीज अमेरिकी का काॅल आता है . व्रुम में ऐसे तो धैर्य की कमी है लेकिन वह फिर भी बहुत शांति से उसकी बकवास सुनता है और एक्सप्लेन करता है.लेकिन अमेरिकी उसे बहुत बुरा भला सुनता है और उसके भारतीय होने पर लानत देता है.अब व्रुम का धैर्य समाप्त हो जाता है.वह गुस्से में काॅल काट देता है.
    इधर श्याम छुपकर प्रियंका और उसके होने वाले पति की बात दूसरे फोन पर सुनता है. और जब प्रियंका का होने वाला पति उसे प्यार से बात करता है तो श्याम यह सून कर जल- भून जाता है.और गुस्से में किसी से बात नहीं करता है.वही इन सबका बाॅस बक्शी इनकी सारी मेहनत का क्रेडिट खुद ले जाता है. और इनपर एक्सट्रा काम भी लाद देता है.और जब ये केबिन में आते हैं तो व्रुम गुस्से में लात मार कर माॅनीटर तोड़ देता है.इस पर ईशा को लगता है कि व्रुम ने मेरे कारण ऐसा किया. क्योंकि ईशा को व्रुम ने प्रपोज किया था लेकिन ईशा को अपना कैरियर बनाना है तो वह इंकार कर देती है.लेकिन व्रुम इसपर और ईशा को बुरा भला कहता है कि तुम जैसी कुलटा के लिए मैं दुखी होगा?? 
        इसपर ईशा तो रोने लगती है लेकिन प्रियंका व्रुम को थप्पड़ जड़ देती है और औरतों से बात करने को सीखने के लिए कहती है.फिर व्रुम को भी अपनी गलती का एहसास होता है और वह ईशा से माफी मांगता है.और फिर सभी अपनी नौकरी जाने के सोच से परेशान भी हैं और ऐसे में सभी ड्राईव पर जाने का फेसला लेते हैं.
  बाकी कहानी के लिए अगले भाग का इंतजार करें.☺😊☁🌈

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